गंगधार झालावाड़
4-5 साल बाद भी विद्यार्थियों को नहीं मिले व्यावसायिक शिक्षा के प्रमाण पत्र, छात्रों में बढ़ रहा आक्रोश

योजना के तहत प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद प्रमाण पत्रों का इंतजार, भविष्य को लेकर चिंतित विद्यार्थी एवं अभिभावक; समसा विभाग से जल्द समाधान की मांग
गंगधार। राज्य सरकार की ओर से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित व्यावसायिक शिक्षा योजना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के चलते सवालों के घेरे में है। झालावाड़ जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उन्हेल नागेश्वर में व्यावसायिक शिक्षा के तहत अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को चार से पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक प्रमाण पत्र एवं डिप्लोमा उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार ने उन्हें रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी, लेकिन प्रशिक्षण एवं अध्ययन पूरा करने के वर्षों बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिलने से योजना का उद्देश्य अधूरा साबित हो रहा है। प्रमाण पत्रों के अभाव में विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता का लाभ आगे की पढ़ाई और रोजगार के अवसरों में नहीं ले पा रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर असर
अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए योजनाएं संचालित कर रही है तो उनका लाभ भी समय पर मिलना चाहिए। प्रमाण पत्र और डिप्लोमा उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई को लेकर परेशानी खड़ी हो रही है। समय पर दस्तावेज मिल जाएं तो विद्यार्थी पॉलिटेक्निक सहित अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी तलाश सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में भी ये प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
समसा विभाग की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के माध्यम से निभाई जाती है। ऐसे में जिला स्तर पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि योजना के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों, प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए। लेकिन वर्षों तक प्रमाण पत्र लंबित रहना विभागीय मॉनिटरिंग और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
विद्यार्थियों ने की शीघ्र प्रमाण पत्र जारी करने की मांग
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और राज्य सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रमाण पत्रों एवं डिप्लोमा जारी करवाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी को इस तरह वर्षों तक अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए इंतजार नहीं करना पड़े।
Seo titel headline slug meta description



0 टिप्पणियां
अपनी प्रतिक्रिया साझा करें।