रिपोर्टर अनिल कुमार
अजमेर, 30 अक्टूबर। राजस्थान के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के आयुक्त श्री पुरुषोत्तम शर्मा ने गुरुवार को भारत सरकार की पीपीपी योजना के अंतर्गत निर्मित देश के पहले रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी), सिंगावल (अजमेर) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द अधिकाधिक ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिलाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि आरडीटीसी सिंगावल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ड्राइवरों को अलग-अलग स्तर पर प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है। उन्होंने सेंटर में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी लेते हुए उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर में स्थापित सिमुलेटर, प्रशिक्षण वाहन, स्मार्ट क्लासरूम, वीसी रूम, ड्राइविंग लेबोरेट्री, कट सेक्शन हॉल, कंप्यूटर लैब, कैफेटेरिया, डोरमेटरी, स्टाफ कक्ष, बीएलएस लैब और ड्राइविंग ट्रैक सहित विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने सेंटर के कार्मिकों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ड्राइवरों से भी संवाद किया।
आयुक्त ने ड्राइवरों से पूछा कि जब यह प्रशिक्षण अभी अनिवार्य नहीं है, तो वे यहां प्रशिक्षण लेने क्यों आए हैं और इससे उन्हें क्या लाभ मिल रहा है। इस पर ड्राइवरों ने एक स्वर में कहा कि एक दिवसीय प्रशिक्षण काफी उपयोगी है, लेकिन इसे तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि ड्राइवरों को पूरी जानकारी मिल सके और वे सड़क सुरक्षा के नवीन नियमों एवं तकनीकों से अपडेट रह सकें।
सेंटर की निदेशक ऋतु चौहान ने बताया कि सीएसआर के तहत श्रीराम सेवा संकल्प के माध्यम से अब तक 34 हजार ड्राइवरों को निशुल्क प्रशिक्षण दिलवाया जा चुका है। इसके अलावा एक जर्मन कंपनी के साथ एमओयू कर जनरल ड्यूटी असिस्टेंट के तीन बैच को निशुल्क प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। वर्तमान में ऐसे दो अन्य निशुल्क कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर की आगामी योजना एक हजार ड्राइवरों को जर्मनी में रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण देने की है।
सेंटर मैनेजर विजय कुमार ने आयुक्त के समक्ष सेंटर की बकाया किश्तों के भुगतान, लंबित लाइसेंसों तथा मान्यता से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग रखी।
इस अवसर पर राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सचिव प्रकाश शर्मा ने आयुक्त का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार की साझेदारी से बने इस सेंटर को राज्य स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आयुक्त से इस दिशा में प्रयास कर सेंटर का राज्यहित में अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करवाने का आग्रह किया।
सिंगावल गांव में बस स्टॉपेज एवं बस स्टैंड निर्माण की मांग भी सेंटर निदेशक ऋतु चौहान ने आयुक्त के समक्ष रखी, जिस पर उन्होंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सिंगावल सेंटर के निरीक्षण के बाद आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने अजमेर के माखुपुरा स्थित रोडवेज वर्कशॉप परिसर में संचालित स्कूल नेट ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया। इस दौरान उनके साथ डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौड़, उप परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) भी उपस्थित रहे।



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