धौलपुर
आज धौलपुर के लिए एतिहासिक पल, आज होगा धौलपुर से गढ़ी संदरा तक ट्रैक परीक्षण
8 ट्रॉलियों से अधिकारी पहले करेंगे धौलपुर से गढ़ी संदरा तक ट्रैक परीक्षण
CRS श्री निवास सहित कई अधिकारी होंगे मौजूद
शाम 4 बजे होगा धौलपुर से गढ़ी संदरा तक ट्रैन की गति का परीक्षण।
120 किलोमीटर की रफ्तार से चलाया जाएगा ट्रैन को धौलपुर से गढ़ी संदरा तक।
यह एतिहासिक पल होगा जो 115 साल पुराने इस ट्रैक पर ट्रैन के इतिहास को बदल देगा
धौलपुर स्टेट रेल का इतिहास 1908 में शुरू होकर 31 मार्च 2023 में बंद की गई। यह लगभग 115 साल तक चली।
धौलपुर की नैरो गेज ट्रेन का इतिहास काफी पुराना है और यह रियासत काल से धौलपुर से सरमथुरा
तातपुर तक सवारी और मालगाड़ी के रूप में चलाई गई थी। अगर उसके इतिहास की बात करें तो।
धौलपुर की ऐतिहासिक नैरो गेज (छोटी लाइन) ट्रेन की शुरुआत साल 1908 में धौलपुर रियासत के महाराजा राम सिंह के शासनकाल में हुई थी।
• शुरुआत: इस लाइन को मंजूरी 14 दिसंबर 1905 को मिली थी और फरवरी 1908 में इसे शुरू किया गया। शुरुआती दौर में इसे ‘धौलपुर-बाड़ी लाइन रेलवे’ कहा जाता था।
• पत्थर की ढुलाई: बंसी पहाड़पुर और तांतपुर-सिरमथरा क्षेत्र से निकलने वाले प्रसिद्ध लाल और सफेद बलुआ पत्थरों के परिवहन के लिए यह रेल लाइन बिछाई गई थी।
• छोटी लाइन के नाम से मशहूर इस रेल का नाम परिवर्तन साल 1914 में किया गया और इसका नाम बदलकर ‘धौलपुर स्टेट रेलवे’ कर दिया गया।
शुरुआत में यह ट्रेन स्टीम (भाप) इंजन से चलती थी, जिसे बाद में डीजल इंजन में बदल दिया गया।
• इस के रूट की लंबाई धौलपुर से सरमथुरा की दूरी लगभग 72 किलोमीटर और धौलपुर से तांतपुर (उत्तर प्रदेश) की दूरी करीब 60 किलोमीटर थी।
मोहरी जंक्शन से यह रूट दो दिशाओं में बंटता था—एक तरफ सिरमथरा और दूसरी तरफ तांतपुर।
• अगर इसकी लोकप्रियता बात करे तो इसे स्थानीय स्तर पर ‘जनता गाड़ी’ भी कहा जाता था। माल ढोने के साथ-साथ यह आम जनता के लिए भी सफर का मुख्य जरिया बन गई।
इसका अंतिम सफर: ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) में परिवर्तन के कारण 115 साल पुरानी यह ऐतिहासिक नैरो गेज सेवा 31 मार्च 2023 को हमेशा के लिए बंद कर दी गई।
धौलपुर से सरमथुरा रूट लगभग 72 किमी था
यह धौलपुर जंक्शन से चलती थी और पहला स्टेशन नूरपुरा फिर गढ़ी सांद्रा से बाड़ी के बाद मोहरी जंक्शन और आंगई से रनपुरा फिर सिरमथरा/सरमथुरा तक पहुंचती थी।
मोहरी से तांतपुर शाखा (लगभग 60 किमी – धौलपुर से): मोहरी जंक्शन से अलग होकर यह लाइन बसेड़ी , बागथर और सूरोठी होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित तांतपुर स्टेशन तक जाती थी।
ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) प्रोजेक्ट की शुरुआत सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा ने कराई थी उस समय केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी।
उस समय कुछ बजट भी मिला था और काम शुरू भी हुआ सरकार बदलते ही काम रुक गया।
काफी समय बाद बीजेपी के सांसद मनोज राजौरिया ने प्रयास शुरू किए और फिर धीरे धीरे काम शुरू हुआ बजट भी मिला।
वर्तमान स्थिति 31 मार्च 2023 को इस छोटी लाइन को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया था ताकि इसे ब्रॉड गेज (बड़ी लाइन) में बदला जा सके। इस प्रोजेक्ट से
• प्रोजेक्ट का पहला चरण: धौलपुर से सरमथुरा के बीच रेल ट्रैक बिछाने और भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है।
रेलवे प्रशासन ने इस फेज-1 को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
• काम की प्रगति यह है कि रूट के कई हिस्सों में ट्रैक फॉर्मेशन, पुल और अंडरपास बनाने का काम चल रहा है।
हाल ही में इस पूरे रूट के काम में और तेजी लाने के लिए आवश्यक मंजूरियों को हरी झंडी मिली है।
• भविष्य का विस्तार गंगापुर सिटी तक कनेक्टिविटी इस लाइन को सिर्फ सरमथुरा तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा।
सरमथुरा से आगे इसे गंगापुर सिटी से जोड़ने के लिए एक नई रेलवे लाइन का खाका DPR तैयार किया जा रहा है।
अभी इसका धौलपुर से सरमथुरा तक काम लगभग पूरा कर गया है।
31 अक्टूबर 26 को इसकी बाड़ी तक ट्रायल की तैयारी की जा रही हैं। ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति 120 किलो मीटर प्रति घंटे से की जाएगी।
प्रोजेक्ट के पहले चरण (Phase-1) का धौलपुर से गढ़ी सांद्रा तक का 18 किलोमीटर का ब्रॉडगेज ट्रैक पूरी तरह तैयार हो चुका है।
हाल ही में धौलपुर स्टेशन की सिग्नलिंग प्रणाली (Non-Interlocking Work) को इस नए ट्रैक से जोड़ने का काम पूरा किया जा रहा है,
जिससे गढ़ी सांद्रा तक ट्रेन चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
• तांतपुर रूट धौलपुर से तांतपुर रूट पर भी सुरक्षा कारणों और आमान परिवर्तन के चलते ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। यह भी धौलपुर-गंगापुर सिटी रेल प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
• अंडरपास और सुविधाएं गेज परिवर्तन के चलते स्थानीय ग्रामीणों की सुविधा के लिए रनपुरा और आंगई स्टेशनों के बीच अंडरपास बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है।



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